रायपुर, 1 जून 2026 | KC100 News
प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ ने जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी से संबंधित प्राप्त शिकायतों, आरोपों एवं कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर विभिन्न संवैधानिक एवं प्रशासनिक संस्थाओं को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
संगठन के प्रदेश प्रधान महासचिव राहुल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक, जनसंपर्क विभाग के सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को संबोधित किया गया है।
विभिन्न शिकायतों की जांच की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर पत्रकारों, मीडिया संस्थानों तथा आम नागरिकों द्वारा समय-समय पर अनेक शिकायतें एवं सवाल उठाए जाते रहे हैं। संगठन का कहना है कि इन शिकायतों की सत्यता एवं वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
संगठन ने मांग की है कि मामले की जांच राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी), आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) अथवा आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी सक्षम एजेंसियों से कराई जाए।
विज्ञापन वितरण और वित्तीय प्रक्रियाओं पर उठाए सवाल
ज्ञापन में विज्ञापन वितरण प्रक्रिया, निविदा संबंधी कार्यवाहियों, वित्तीय पारदर्शिता तथा प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कराने की मांग की गई है।
संगठन का कहना है कि मीडिया जगत के कुछ प्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर विज्ञापन वितरण में कथित अनियमितताओं तथा प्रक्रियागत पारदर्शिता को लेकर प्रश्न उठाए गए हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
संपत्तियों और आय स्रोतों के सत्यापन की मांग
ज्ञापन में अपर संचालक संजीव तिवारी एवं उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों, आय के स्रोतों तथा शासकीय अभिलेखों में दर्ज विवरणों के सत्यापन की भी मांग की गई है।
संगठन का कहना है कि यदि जांच कराई जाती है तो संबंधित अभिलेखों, वित्तीय विवरणों तथा उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
दो दशकों की पदस्थापनाओं की जांच का आग्रह
प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने पिछले लगभग दो दशकों के दौरान रायपुर एवं जनसंपर्क विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर हुई पदस्थापनाओं और स्थानांतरण प्रक्रियाओं की भी जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों, नीतियों एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हुई थीं या नहीं।
जांच अवधि में पद से अलग करने की मांग
संगठन ने कहा है कि यदि जांच प्रारंभ होती है तो उसकी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारी को जांच अवधि तक वर्तमान पद से पृथक करने अथवा अन्यत्र स्थानांतरित करने पर विचार किया जाना चाहिए।
साथ ही संगठन ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
न्यायालयीन परिवाद का भी किया उल्लेख
ज्ञापन में बुलंद छत्तीसगढ़ समाचार पत्र से जुड़े अभय शाह द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद का उल्लेख करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
संगठन ने अभय शाह एवं अन्य संबंधित पक्षकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार के दबाव, हस्तक्षेप अथवा प्रताड़ना की संभावना को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह भी किया है।
15 दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी
प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन ने ज्ञापन पर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि निर्धारित अवधि में उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वह वैधानिक एवं न्यायिक मंचों पर आगे की कार्यवाही करने के लिए बाध्य होगा।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष सोनू रेलवानी, महासचिव सचिन, सहसचिव सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
इनमें रंजना सिंह, संगीता बर्मन, जानकी मरकाम, मयंक श्रीवास्तव, प्रवीण शर्मा, लोकेश हिरवानी, आनंद गुप्ता, परितोष शर्मा, संतोष यादव सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
पत्रकार हित और पारदर्शिता का मुद्दा
संगठन का कहना है कि यह पहल पत्रकार हितों की रक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जनहित एवं मीडिया हित से जुड़े मुद्दों को वैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाता रहेगा।
KC100 News Disclaimer
यह समाचार प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा जारी ज्ञापन एवं उसमें उल्लिखित मांगों पर आधारित है। समाचार में वर्णित आरोप, शिकायतें एवं दावे संबंधित संगठन द्वारा उठाए गए हैं। इन आरोपों की किसी सक्षम जांच एजेंसी अथवा न्यायालय द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूर्ण होने तक संबंधित पक्ष को दोषी नहीं माना जा सकता। यदि संबंधित अधिकारी या विभाग इस विषय में अपना पक्ष प्रस्तुत करना चाहता है तो KC100 News उसे प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।


